
महराजगंज के निचलौल ब्लॉक स्थित भेड़िया पंचायत में मनरेगा और राज्यवित्त योजना के तहत ₹7,15,371 के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने प्रधान के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज कर अंतिम जांच के आदेश दिए हैं।जांच अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत संयुक्त आख्या के अनुसार मनरेगा योजना के अंतर्गत ₹2,71,436 तथा राज्यवित्त योजना के अंतर्गत ₹4,43,935, इस प्रकार कुल ₹7,15,371 की शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है।जांच में यह भी पाया गया कि ग्राम प्रधान और सचिव राजीव रामचंद्रन द्वारा शासनादेश एवं वित्तीय निय अनदेखी करते हुए शासकीय धनराशि का भुगतान व्यक्तिगत खाते में किया गया। पीएफएमएस पोर्टल पर वेण्डर के रूप में व्यक्ति विशेष का खाता फीड कर जांच में यह भी पाया गया कि पीएफएमएस पोर्टल पर वेण्डर के रूप में व्यक्ति विशेष का खाता फीड कर भुगतान किया गया, जो स्पष्ट रूप से नियम विरुद्ध है। इतना ही नहीं, बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए भुगतान कर वित्तीय अनियमितता को अंजाम दिया गया।जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा द्वारा सचिव को तथा प्रशासनिक स्तर से प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 21 फरवरी 2026 को दोनों द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया, लेकिन प्रस्तुत साक्ष्य जांच में संतोषजनक नहीं पाए गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने उ०प्र० पंचायत राज अधिनियम 1947 की मामले की गभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सतोष कुमार शर्मा ने उ०प्र० पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95 (1) (छ) के तहत कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान अखिलेश प्रकाश यादव के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। साथ ही साथ सचिव पर कार्यवाही की गई है।अंतिम जांच के लिए नामित अधिकारी डॉ. हौसला प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राहुल कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी जब तक अंतिम जांच पूरी नहीं हो जाती और दोषमुक्ति प्रमाणित नहीं होती, तब तक ग्राम पंचायत के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का संचालन तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया जाएगा। समिति के गठन का आदेश अलग से जारी होगा।



