सोनबरसा प्रधानी विवाद में 4 दिन बाद खत्म हुआ अनशन
10 दिन में निष्पक्ष जांच का आश्वासन

महराजगंज। सिसवा विकास खंड के ग्राम सभा सोनबरसा में प्रधानी विवाद को लेकर चल रहा भूख हड़ताल गुरुवार को प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पहुंचे एसडीएम ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर तीन दिन में नई जांच टीम गठित करने और दस दिन के भीतर निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराने का भरोसा दिया।
यह विवाद ग्राम प्रधान संतरा देवी पत्नी मनोहर लाल साहनी से जुड़ा है। पूर्व में गबन और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते ग्राम प्रधान का पावर सीज किया गया था, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी बालेश्वर प्रसाद को निलंबित किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना अंतिम जांच कराकर मत्स्य अधिकारी की कथित रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान को पुनः बहाल कर दिया गया, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी अब भी निलंबित हैं।
इसी के विरोध में ग्रामीणों ने चार दिन पहले भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका कहना था कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और सभी पक्षों को उचित अवसर नहीं दिया गया।
गुरुवार को एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद अनशनकारियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई गई।
कामरेड संजय निषाद और रविंद्र कुमार के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के दौरान चेतावनी दी गई कि यदि तय समय सीमा में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।




