रिश्वतखोरी और मारपीट के आरोप में लेखपाल मनीष पटेल निलंबित
एक लाख रुपये सुविधा शुल्क लेने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने व मारपीट का आरोप

महराजगंज/निचलौल। तहसील निचलौल में तैनात लेखपाल मनीष पटेल को गंभीर आरोपों के चलते उपजिलाधिकारी निचलौल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लेखपाल पर एक लाख रुपये सुविधा शुल्क लेने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, मारपीट करने तथा सरकारी आचरण नियमावली का उल्लंघन करने का आरोप है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम करमहिया निवासी जीयन प्रसाद ने 24 जून 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि 19 जून को वह अपने ट्रैक्टर-ट्राली से पहले से रखी मिट्टी को सलीम के भट्ठे पर ले जा रहा था। इस दौरान तहसील प्रशासन द्वारा ट्रैक्टर-ट्राली व दो जेसीबी को पकड़कर थाना निचलौल के सुपुर्द कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खनन विभाग का आदेश और वाहन संबंधी कागजात प्रस्तुत करने के बावजूद लेखपाल मनीष पटेल ने वाहन छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये सुविधा शुल्क लिया।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने पर उसे तहसील बुलाया गया, जहां लेखपाल द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।मामले की जांच नायब तहसीलदार निचलौल को सौंपी गई। जांच आख्या में बताया गया कि 19 जून को थाना प्रभारी निचलौल द्वारा सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार लेखपाल मनीष पटेल के साथ मौके पर पहुंचे थे। मौके पर आवश्यक खनन संबंधी अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण वाहनों को थाने लाया गया था। बाद में कागजात प्रस्तुत किए जाने पर वाहन छोड़ दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया लेखपाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई।उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने जांच रिपोर्ट के आधार पर लेखपाल मनीष पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील निचलौल कार्यालय से संबद्ध किया गया है तथा प्रकरण की विभागीय जांच तहसीलदार निचलौल को सौंपी गई है।



