
महराजगंज। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से पशुधन की सुरक्षा के लिए आठवें चरण के टीकाकरण अभियान का शुभारंभ बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने विकास भवन परिसर से मोबाइल वेटरिनरी यूनिट एवं बहुद्देशीय सचल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (चिकित्सा स्वास्थ्य) डॉ. विनोद कुमार विश्वकर्मा, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (पशुधन) डॉ. सतीश कुमार वर्मा, जनपदीय नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह सहित जनपद के सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद ने बताया कि भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से पूर्णतः मुक्त करना है। अभियान के तहत जनपद के सभी गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित पशु चिकित्सा कर्मियों की मोबाइल टीमें गठित की गई हैं, जो गांव-गांव और पशुपालकों के घर पहुंचकर टीकाकरण करेंगी।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण के दौरान प्रत्येक पशु के कान में 12 अंकों का विशिष्ट ईयर टैग लगाया जाएगा तथा पशु और उसके स्वामी का पूरा विवरण भारत पशुधन पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। टीकाकरण के बाद भारत पशुधन ऐप पर ओटीपी आधारित पंजीकरण भी अनिवार्य होगा, जिसके लिए पशुपालकों के मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी को टीकाकर्मी को उपलब्ध कराना होगा।
डॉ. अहमद ने जनपद के सभी पशुपालकों से अपील की कि वे विभाग की टीम के गांव या घर पहुंचने पर चार माह से अधिक आयु के सभी पात्र पशुओं, जिनमें बछड़े, बछड़ियां, पड़िया एवं पड़वा भी शामिल हैं, का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं।
उन्होंने कहा कि खुरपका-मुंहपका रोग से पशुओं के दुग्ध उत्पादन एवं कार्यक्षमता में भारी गिरावट आती है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस नुकसान से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है।
यह विशेष अभियान 8 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए पशुपालक अपने निकटतम राजकीय पशु चिकित्सालय, टोल फ्री नंबर 1800-180-5141 अथवा जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम 8765957962 पर संपर्क कर सकते हैं।




