
नौतनवा/महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौतनवा में ओपीडी संचालन को लेकर एक मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अमित गौतम के कक्ष में एक युवती को ओपीडी रजिस्टर में लिखा-पढ़ी करते हुए देखे जाने की बात सामने आई है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जांच की मांग उठने लगी है।
बताया जा रहा है कि मरीजों को देखने के दौरान उक्त युवती अधीक्षक के पास बैठकर ओपीडी से संबंधित रजिस्टर में प्रविष्टियां करती दिखाई दी। इसे लेकर अस्पताल में मौजूद लोगों और मरीजों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर सरकारी ओपीडी रजिस्टर किसी बाहरी व्यक्ति के हाथ में किस अधिकार के तहत है।
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि उक्त युवती अस्पताल की अधिकृत कर्मचारी है अथवा नहीं। यदि वह स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी नहीं है तो सरकारी अभिलेखों में लिखा-पढ़ी करने की अनुमति उसे किस स्तर से मिली है, इसकी जांच आवश्यक मानी जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि युवती लंबे समय से अस्पताल में इसी तरह ओपीडी संबंधी कार्य करती रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित गौतम से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि युवती स्वयं इलाज कराने के लिए अस्पताल आती है। हालांकि वह लंबे समय से किस बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल आ रही है, इस सवाल पर वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
मामले को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से ओपीडी रजिस्टर की जांच कराने और युवती की अस्पताल में भूमिका स्पष्ट करने की मांग उठ रही है। साथ ही रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों और संबंधित कर्मचारियों की लिखावट की जांच कराए जाने की मांग भी की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी अभिलेखों में प्रविष्टियां किसके द्वारा की गई हैं।
सूत्रों की माने तो फिलहाल पूरे मामले की आधिकारिक जांच या किसी अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


